भारत में 2026 के नए घर किराया नियम: किराएदार और मकान मालिकों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

भारत में 2026 के नए घर किराया नियम: किराएदार और मकान मालिकों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका

भारत में 2026 के नए घर किराया नियम: किराएदार और मकान मालिकों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका, भारत में आवास किराया नियमों में 2026 तक आमूलचूल परिवर्तन होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 को अधिकांश राज्यों द्वारा लागू किया जा रहा है और 2026 तक इसका पूर्ण क्रियान्वयन हो जाने की संभावना है। यह नया ढांचा किराएदारों और मकान मालिकों दोनों के लिए संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और विवाद कम हों।

भारत का किराया बाजार लंबे समय से असंगठित और असंतुलित रहा है, जहाँ किराएदारों के अधिकार स्पष्ट नहीं थे और मकान मालिकों को भी कानूनी प्रक्रियाओं में लंबा समय लगता था। नए नियम इन सभी चुनौतियों का डिजिटल और संरचित समाधान प्रस्तुत करते हैं।

आधिकारिक लिंक: आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय

Table of Contents

मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 और उसका क्रियान्वयन

भारत में 2026 के नए घर किराया नियम: किराएदार और मकान मालिकों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका, मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 किराया संबंधी कानूनों का आधुनिक ढांचा है जिसे राज्यों को अपनाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। 2026 तक, सभी राज्यों द्वारा इस एक्ट को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित कर लागू करने की उम्मीद है।

मुख्य विशेषताएं:

  1. संतुलित दृष्टिकोण: किराएदार और मकान मालिक दोनों के अधिकारों का संरक्षण

  2. डिजिटल प्लेटफॉर्म: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विवाद निपटान

  3. समयबद्ध प्रक्रियाएं: विवादों का शीघ्र निपटारा

क्रियान्वयन की स्थिति:

  • दिल्ली: दिल्ली टेनेंसी एक्ट 2023 लागू

  • महाराष्ट्र: संशोधित कानून 2024 में लागू

  • कर्नाटक: नया किराया अधिनियम 2025 से प्रभावी

  • तमिलनाडु: क्रियान्वयन प्रक्रिया जारी

मॉडल टेनेंसी एक्ट डॉक्यूमेंट: आधिकारिक PDF

किराएदारों के अधिकार: नए प्रावधान

1. सुरक्षित कब्जा अधिकार:

  • न्यूनतम 11 महीने के लिए कब्जे की सुरक्षा

  • मनमाने ढंग से कब्जा खाली करने के नोटिस पर रोक

  • केवल वैध कारणों से ही कब्जा समाप्ति

2. निर्धारित किराया वृद्धि:

  • वार्षिक किराया वृद्धि पहले से तय

  • मनमानी वृद्धि पर प्रतिबंध

  • महंगाई के आधार पर सूत्रबद्ध वृद्धि

3. मरम्मत का अधिकार:

  • छोटी मरम्मत करने और खर्च किराए से काटने का अधिकार

  • बड़ी मरम्मत के लिए मकान मालिक को सूचना

  • आवश्यक मरम्मत न करने पर कानूनी कार्रवाई

4. गोपनीयता का अधिकार:

  • बिना नोटिस घर में प्रवेश पर प्रतिबंध

  • 24 घंटे पहले सूचना आवश्यक

  • आपात स्थिति को छोड़कर

5. सुरक्षा जमा की वापसी:

  • समझौता समाप्ति के 30 दिनों के भीतर जमा वापसी

  • कटौतियों का विस्तृत ब्यौरा

  • विवाद होने पर रेजिस्ट्रार के पास शिकायत

मकान मालिकों के अधिकार और कर्तव्य

अधिकार:

  1. नियमित किराया प्राप्ति:

    • समय पर किराया देने की बाध्यता

    • देरी पर निर्धारित दंड

    • डिजिटल भुगतान के विकल्प

  2. संपत्ति की सुरक्षा:

    • गलत उपयोग करने पर कब्जा समाप्ति

    • अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई

    • संपत्ति क्षति के लिए मुआवजा

  3. कब्जा वापसी:

    • स्वयं के उपयोग के लिए

    • संपत्ति में बड़े नवीनीकरण के लिए

    • किराएदार द्वारा नियम भंग करने पर

कर्तव्य:

  1. संपत्ति की मरम्मत:

    • संरचनात्मक मरम्मत की जिम्मेदारी

    • विद्युत और प्लंबिंग सिस्टम का रखरखाव

    • सामान्य क्षेत्रों की सफाई

  2. करों का भुगतान:

    • संपत्ति कर और अन्य कर

    • सोसाइटी शुल्क (यदि लागू हो)

    • बीमा प्रीमियम

  3. सुविधाएं बनाए रखना:

    • पानी और बिजली की आपूर्ति

    • लिफ्ट और सुरक्षा व्यवस्था

    • पार्किंग सुविधा

रेंट एग्रीमेंट: नए फॉर्मेट और अनिवार्य शर्तें

  1. पक्षों का विवरण:
    • किराएदार और मकान मालिक का पूरा विवरण

    • आधार और पैन नंबर

    • संपर्क जानकारी

  2. संपत्ति का विवरण:

    • पूरा पता और क्षेत्रफल

    • सुविधाओं की सूची

    • संपत्ति की स्थिति

  3. वित्तीय शर्तें:

    • मासिक किराया राशि

    • सुरक्षा जमा राशि

    • किराया वृद्धि का फार्मूला

    • भुगतान विधि और तिथि

  4. अवधि और नवीकरण:

    • समझौते की अवधि

    • नवीकरण की शर्तें

    • समाप्ति की सूचना अवधि

नया मानकीकृत फॉर्मेट:

  • फॉर्म A: आवासीय संपत्ति के लिए

  • फॉर्म B: वाणिज्यिक संपत्ति के लिए

  • फॉर्म C: विवाद निपटान के लिए

डिजिटल रजिस्ट्रेशन:

  • ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य

  • ई-स्टांप ड्यूटी का प्रावधान

  • डिजिटल हस्ताक्षर मान्य

आधिकारिक एग्रीमेंट टेम्पलेट: रेंट एग्रीमेंट फॉर्मेट

सुरक्षा जमा पर नए नियम

जमा राशि सीमा:

  • आवासीय संपत्ति: अधिकतम 2 महीने का किराया

  • वाणिज्यिक संपत्ति: अधिकतम 6 महीने का किराया

  • फर्नीशड अपार्टमेंट: अतिरिक्त 1 महीना

जमा वापसी प्रक्रिया:

  1. समझौता समाप्ति: अंतिम किराया देने की तिथि से

  2. समय सीमा: 30 कार्य दिवसों के भीतर

  3. कटौतियाँ: केवल दस्तावेजित मरम्मत खर्च

  4. ब्याज: देरी पर 8% वार्षिक ब्याज

विवाद स्थिति में:

  • तहसीलदार/रेंट कंट्रोलर के पास शिकायत

  • ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन

  • 60 दिनों के भीतर निर्णय

किराया वृद्धि के नए मानदंड

वार्षिक वृद्धि सूत्र:

नया किराया = वर्तमान किराया × (1 + महंगाई दर + 2%)
  • महंगाई दर: RBI द्वारा घोषित CPI आंकड़े

  • अधिकतम सीमा: 5% वार्षिक (अधिकांश राज्यों में)

वृद्धि की शर्तें:

  1. समय अंतराल: कम से कम 12 महीने के अंतराल पर

  2. लिखित नोटिस: 90 दिन पहले सूचना

  3. प्रभावी तिथि: वित्तीय वर्ष की शुरुआत से

  4. विवाद: रेंट कंट्रोल अथॉरिटी के पास अपील

विशेष परिस्थितियाँ:

  • संपत्ति सुधार: बड़े नवीनीकरण के बाद विशेष वृद्धि

  • कर वृद्धि: संपत्ति कर बढ़ने पर आनुपातिक वृद्धि

  • सुविधा वृद्धि: नई सुविधाएँ जोड़ने पर

विवाद निपटान तंत्र: ऑनलाइन और त्वरित

1: संघर्ष निवारण

  • समय सीमा: 30 दिन

  • माध्यम: वार्ता और मध्यस्थता

  • फोरम: स्थानीय नगर निगम कार्यालय

2: रेंट कंट्रोल अथॉरिटी

  • समय सीमा: 60 दिन

  • अधिकार क्षेत्र: 50 लाख रुपये तक के विवाद

  • प्रक्रिया: सारांश प्रक्रिया

3: किराया न्यायाधिकरण

  • समय सीमा: 90 दिन

  • अधिकार क्षेत्र: 50 लाख से अधिक के विवाद

  • अपील: हाई कोर्ट में

ऑनलाइन पोर्टल:

  • राष्ट्रीय किराया पोर्टल: rentalportal.gov.in

  • शिकायत दर्ज करना: ऑनलाइन फॉर्म

  • स्थिति ट्रैकिंग: रियल-टाइम अपडेट

  • दस्तावेज अपलोड: डिजिटल सबमिशन

वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR):

  • मध्यस्थता और सुलह

  • लोक अदालतों के माध्यम से निपटान

  • कम खर्च और त्वरित निर्णय

भारत में 2026 के नए घर किराया नियम: किराएदार और मकान मालिकों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका, भारत में आवास किराया नियमों में 2026 तक आमूलचूल परिवर्तन होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 को अधिकांश राज्यों द्वारा लागू किया जा रहा है और 2026 तक इसका पूर्ण क्रियान्वयन हो जाने की संभावना है। यह नया ढांचा किराएदारों और मकान मालिकों दोनों के लिए संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है, जिससे पारदर्शिता बढ़े और विवाद कम हों। भारत का किराया बाजार लंबे समय से असंगठित और असंतुलित रहा है, जहाँ किराएदारों के अधिकार स्पष्ट नहीं थे और मकान मालिकों को भी कानूनी प्रक्रियाओं में लंबा समय लगता था। नए नियम इन सभी चुनौतियों का डिजिटल और संरचित समाधान प्रस्तुत करते हैं। आधिकारिक लिंक: आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय विषयसूची 2026 के नए किराया नियम: एक परिचय मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 और उसका क्रियान्वयन किराएदारों के अधिकार: नए प्रावधान मकान मालिकों के अधिकार और कर्तव्य रेंट एग्रीमेंट: नए फॉर्मेट और अनिवार्य शर्तें सुरक्षा जमा पर नए नियम किराया वृद्धि के नए मानदंड विवाद निपटान तंत्र: ऑनलाइन और त्वरित राज्यवार भिन्नताएं और क्रियान्वयन नए डिजिटल प्लेटफॉर्म और रजिस्ट्रेशन कराधान के नियम सामान्य प्रश्न (FAQ) संपर्क और शिकायत निवारण निष्कर्ष मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 और उसका क्रियान्वयन  भारत में 2026 के नए घर किराया नियम: किराएदार और मकान मालिकों के लिए संपूर्ण मार्गदर्शिका, मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021 किराया संबंधी कानूनों का आधुनिक ढांचा है जिसे राज्यों को अपनाने के लिए प्रस्तावित किया गया है। 2026 तक, सभी राज्यों द्वारा इस एक्ट को अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित कर लागू करने की उम्मीद है। मुख्य विशेषताएं: संतुलित दृष्टिकोण: किराएदार और मकान मालिक दोनों के अधिकारों का संरक्षण डिजिटल प्लेटफॉर्म: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विवाद निपटान समयबद्ध प्रक्रियाएं: विवादों का शीघ्र निपटारा क्रियान्वयन की स्थिति: दिल्ली: दिल्ली टेनेंसी एक्ट 2023 लागू महाराष्ट्र: संशोधित कानून 2024 में लागू कर्नाटक: नया किराया अधिनियम 2025 से प्रभावी तमिलनाडु: क्रियान्वयन प्रक्रिया जारी मॉडल टेनेंसी एक्ट डॉक्यूमेंट: आधिकारिक PDF किराएदारों के अधिकार: नए प्रावधान 1. सुरक्षित कब्जा अधिकार: न्यूनतम 11 महीने के लिए कब्जे की सुरक्षा मनमाने ढंग से कब्जा खाली करने के नोटिस पर रोक केवल वैध कारणों से ही कब्जा समाप्ति 2. निर्धारित किराया वृद्धि: वार्षिक किराया वृद्धि पहले से तय मनमानी वृद्धि पर प्रतिबंध महंगाई के आधार पर सूत्रबद्ध वृद्धि 3. मरम्मत का अधिकार: छोटी मरम्मत करने और खर्च किराए से काटने का अधिकार बड़ी मरम्मत के लिए मकान मालिक को सूचना आवश्यक मरम्मत न करने पर कानूनी कार्रवाई 4. गोपनीयता का अधिकार: बिना नोटिस घर में प्रवेश पर प्रतिबंध 24 घंटे पहले सूचना आवश्यक आपात स्थिति को छोड़कर 5. सुरक्षा जमा की वापसी: समझौता समाप्ति के 30 दिनों के भीतर जमा वापसी कटौतियों का विस्तृत ब्यौरा विवाद होने पर रेजिस्ट्रार के पास शिकायत मकान मालिकों के अधिकार और कर्तव्य अधिकार: नियमित किराया प्राप्ति: समय पर किराया देने की बाध्यता देरी पर निर्धारित दंड डिजिटल भुगतान के विकल्प संपत्ति की सुरक्षा: गलत उपयोग करने पर कब्जा समाप्ति अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संपत्ति क्षति के लिए मुआवजा कब्जा वापसी: स्वयं के उपयोग के लिए संपत्ति में बड़े नवीनीकरण के लिए किराएदार द्वारा नियम भंग करने पर कर्तव्य: संपत्ति की मरम्मत: संरचनात्मक मरम्मत की जिम्मेदारी विद्युत और प्लंबिंग सिस्टम का रखरखाव सामान्य क्षेत्रों की सफाई करों का भुगतान: संपत्ति कर और अन्य कर सोसाइटी शुल्क (यदि लागू हो) बीमा प्रीमियम सुविधाएं बनाए रखना: पानी और बिजली की आपूर्ति लिफ्ट और सुरक्षा व्यवस्था पार्किंग सुविधा रेंट एग्रीमेंट: नए फॉर्मेट और अनिवार्य शर्तें  पक्षों का विवरण: किराएदार और मकान मालिक का पूरा विवरण आधार और पैन नंबर संपर्क जानकारी संपत्ति का विवरण: पूरा पता और क्षेत्रफल सुविधाओं की सूची संपत्ति की स्थिति वित्तीय शर्तें: मासिक किराया राशि सुरक्षा जमा राशि किराया वृद्धि का फार्मूला भुगतान विधि और तिथि अवधि और नवीकरण: समझौते की अवधि नवीकरण की शर्तें समाप्ति की सूचना अवधि नया मानकीकृत फॉर्मेट: फॉर्म A: आवासीय संपत्ति के लिए फॉर्म B: वाणिज्यिक संपत्ति के लिए फॉर्म C: विवाद निपटान के लिए डिजिटल रजिस्ट्रेशन: ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य ई-स्टांप ड्यूटी का प्रावधान डिजिटल हस्ताक्षर मान्य आधिकारिक एग्रीमेंट टेम्पलेट: रेंट एग्रीमेंट फॉर्मेट सुरक्षा जमा पर नए नियम जमा राशि सीमा: आवासीय संपत्ति: अधिकतम 2 महीने का किराया वाणिज्यिक संपत्ति: अधिकतम 6 महीने का किराया फर्नीशड अपार्टमेंट: अतिरिक्त 1 महीना जमा वापसी प्रक्रिया: समझौता समाप्ति: अंतिम किराया देने की तिथि से समय सीमा: 30 कार्य दिवसों के भीतर कटौतियाँ: केवल दस्तावेजित मरम्मत खर्च ब्याज: देरी पर 8% वार्षिक ब्याज विवाद स्थिति में: तहसीलदार/रेंट कंट्रोलर के पास शिकायत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन 60 दिनों के भीतर निर्णय किराया वृद्धि के नए मानदंड  वार्षिक वृद्धि सूत्र: नया किराया = वर्तमान किराया × (1 + महंगाई दर + 2%) महंगाई दर: RBI द्वारा घोषित CPI आंकड़े अधिकतम सीमा: 5% वार्षिक (अधिकांश राज्यों में) वृद्धि की शर्तें: समय अंतराल: कम से कम 12 महीने के अंतराल पर लिखित नोटिस: 90 दिन पहले सूचना प्रभावी तिथि: वित्तीय वर्ष की शुरुआत से विवाद: रेंट कंट्रोल अथॉरिटी के पास अपील विशेष परिस्थितियाँ: संपत्ति सुधार: बड़े नवीनीकरण के बाद विशेष वृद्धि कर वृद्धि: संपत्ति कर बढ़ने पर आनुपातिक वृद्धि सुविधा वृद्धि: नई सुविधाएँ जोड़ने पर विवाद निपटान तंत्र: ऑनलाइन और त्वरित 1: संघर्ष निवारण समय सीमा: 30 दिन माध्यम: वार्ता और मध्यस्थता फोरम: स्थानीय नगर निगम कार्यालय 2: रेंट कंट्रोल अथॉरिटी समय सीमा: 60 दिन अधिकार क्षेत्र: 50 लाख रुपये तक के विवाद प्रक्रिया: सारांश प्रक्रिया 3: किराया न्यायाधिकरण समय सीमा: 90 दिन अधिकार क्षेत्र: 50 लाख से अधिक के विवाद अपील: हाई कोर्ट में ऑनलाइन पोर्टल: राष्ट्रीय किराया पोर्टल: rentalportal.gov.in शिकायत दर्ज करना: ऑनलाइन फॉर्म स्थिति ट्रैकिंग: रियल-टाइम अपडेट दस्तावेज अपलोड: डिजिटल सबमिशन वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR): मध्यस्थता और सुलह लोक अदालतों के माध्यम से निपटान कम खर्च और त्वरित निर्णय राज्यवार भिन्नताएं और क्रियान्वयन  दिल्ली: कानून: दिल्ली टेनेंसी एक्ट 2023 किराया वृद्धि: अधिकतम 4% वार्षिक विशेष: ऑनलाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य महाराष्ट्र: कानून: महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम 2024 सुरक्षा जमा: 3 महीने तक विशेष: मुंबई के लिए अलग प्रावधान कर्नाटक: कानून: कर्नाटक किराया अधिनियम 2025 किराया वृद्धि: महंगाई दर + 1.5% विशेष: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए छूट तमिलनाडु: स्थिति: कानून मसौदा चरण में प्रस्तावित: पारंपरिक व्यवस्था को जारी रखना विशेष: चेन्नई के लिए विशेष प्रावधान उत्तर प्रदेश: कानून: उत्तर प्रदेश किराया नियम 2024 लागू: केवल महानगरों में विशेष: सरलीकृत प्रक्रिया नए डिजिटल प्लेटफॉर्म और रजिस्ट्रेशन राष्ट्रीय किराया रजिस्ट्री: पोर्टल: भारत किराया रजिस्ट्री उद्देश्य: केंद्रीकृत डेटाबेस लाभ: पारदर्शिता और सुरक्षा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: खाता बनाना: आधार से प्रमाणीकरण विवरण दर्ज करना: संपत्ति और पक्षों का विवरण दस्तावेज अपलोड: स्कैन कॉपी शुल्क भुगतान: ऑनलाइन भुगतान प्रमाणपत्र: डिजिटल प्रमाणपत्र जारी शुल्क संरचना: आवासीय: 500 रुपये (वार्षिक) वाणिज्यिक: 1000 रुपये (वार्षिक) नवीकरण: 50% छूट मोबाइल एप्लिकेशन: RentEasy: आधिकारिक मोबाइल ऐप सुविधाएं: भुगतान, शिकायत, नवीकरण उपलब्धता: Android और iOS कराधान के नियम {#कराधान} किराएदार के लिए: HRA छूट: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए दस्तावेज: किराया भुगतान का प्रमाण सीमा: वास्तविक किराया या वेतन का 50% मकान मालिक के लिए: किराया आय: अन्य स्रोतों में आय छूट: मानक कटौती 30% कर दर: आय स्लैब के अनुसार GST प्रावधान: सीमा: 20 लाख रुपये वार्षिक किराया दर: आवासीय पर कोई GST नहीं वाणिज्यिक: 18% GST (कुछ शर्तों के साथ) TDS कटौती: सीमा: 2.4 लाख रुपये वार्षिक से अधिक दर: 10% TDS प्रमाणपत्र: फॉर्म 16C जारी करना आयकर विभाग पोर्टल: incometaxindia.gov.in राष्ट्रीय हेल्पलाइन: टोल-फ्री नंबर: 1800-11-2026 ईमेल: rentalhelp@nic.in वेबसाइट: rentalgrievance.gov.in राज्य स्तरीय संपर्क: रेंट कंट्रोल अधिकारी: जिला स्तर पर नगर निगम: शहरी क्षेत्रों के लिए तहसीलदार: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: दर्ज करें: विवरण और दस्तावेज अपलोड करें ट्रैक करें: आवेदन संख्या से स्थिति जाँचें निर्णय: ऑनलाइन निर्णय प्राप्त करें कानूनी सहायता: विधिक सेवा प्राधिकरण: निःशुल्क कानूनी सहायता वकील पैनल: पंजीकृत वकीलों की सूची लोक अदालत: त्वरित निपटान के लिए

राज्यवार भिन्नताएं और क्रियान्वयन

दिल्ली:

  • कानून: दिल्ली टेनेंसी एक्ट 2023

  • किराया वृद्धि: अधिकतम 4% वार्षिक

  • विशेष: ऑनलाइम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

महाराष्ट्र:

  • कानून: महाराष्ट्र किराया नियंत्रण अधिनियम 2024

  • सुरक्षा जमा: 3 महीने तक

  • विशेष: मुंबई के लिए अलग प्रावधान

कर्नाटक:

  • कानून: कर्नाटक किराया अधिनियम 2025

  • किराया वृद्धि: महंगाई दर + 1.5%

  • विशेष: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए छूट

तमिलनाडु:

  • स्थिति: कानून मसौदा चरण में

  • प्रस्तावित: पारंपरिक व्यवस्था को जारी रखना

  • विशेष: चेन्नई के लिए विशेष प्रावधान

उत्तर प्रदेश:

  • कानून: उत्तर प्रदेश किराया नियम 2024

  • लागू: केवल महानगरों में

  • विशेष: सरलीकृत प्रक्रिया

नए डिजिटल प्लेटफॉर्म और रजिस्ट्रेशन

राष्ट्रीय किराया रजिस्ट्री:

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया:

  1. खाता बनाना: आधार से प्रमाणीकरण

  2. विवरण दर्ज करना: संपत्ति और पक्षों का विवरण

  3. दस्तावेज अपलोड: स्कैन कॉपी

  4. शुल्क भुगतान: ऑनलाइन भुगतान

  5. प्रमाणपत्र: डिजिटल प्रमाणपत्र जारी

शुल्क संरचना:

  • आवासीय: 500 रुपये (वार्षिक)

  • वाणिज्यिक: 1000 रुपये (वार्षिक)

  • नवीकरण: 50% छूट

मोबाइल एप्लिकेशन:

  • RentEasy: आधिकारिक मोबाइल ऐप

  • सुविधाएं: भुगतान, शिकायत, नवीकरण

  • उपलब्धता: Android और iOS

कराधान के नियम

किराएदार के लिए:

  1. HRA छूट: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए

  2. दस्तावेज: किराया भुगतान का प्रमाण

  3. सीमा: वास्तविक किराया या वेतन का 50%

मकान मालिक के लिए:

  1. किराया आय: अन्य स्रोतों में आय

  2. छूट: मानक कटौती 30%

  3. कर दर: आय स्लैब के अनुसार

GST प्रावधान:

  • सीमा: 20 लाख रुपये वार्षिक किराया

  • दर: आवासीय पर कोई GST नहीं

  • वाणिज्यिक: 18% GST (कुछ शर्तों के साथ)

TDS कटौती:

  • सीमा: 2.4 लाख रुपये वार्षिक से अधिक

  • दर: 10% TDS

  • प्रमाणपत्र: फॉर्म 16C जारी करना

आयकर विभाग पोर्टल: incometaxindia.gov.in

राष्ट्रीय हेल्पलाइन:

  • टोल-फ्री नंबर: 1800-11-2026

  • ईमेल: rentalhelp@nic.in

  • वेबसाइट: rentalgrievance.gov.in

राज्य स्तरीय संपर्क:

  • रेंट कंट्रोल अधिकारी: जिला स्तर पर

  • नगर निगम: शहरी क्षेत्रों के लिए

  • तहसीलदार: ग्रामीण क्षेत्रों के लिए

ऑनलाइन शिकायत पोर्टल:

  1. दर्ज करें: विवरण और दस्तावेज अपलोड करें

  2. ट्रैक करें: आवेदन संख्या से स्थिति जाँचें

  3. निर्णय: ऑनलाइन निर्णय प्राप्त करें

कानूनी सहायता:

  • विधिक सेवा प्राधिकरण: निःशुल्क कानूनी सहायता

  • वकील पैनल: पंजीकृत वकीलों की सूची

  • लोक अदालत: त्वरित निपटान के लिए

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